तुर्की, सऊदी अरब को हूतियों के खिलाफ लड़ाई में मुख्य रूप से रक्षात्मक और तकनीकी सहायता प्रदान कर रहा है। तुर्की सीधे तौर पर किसी सैन्य अभियान में भाग नहीं लेगा। यह समझौता मक्का की रक्षा पर केंद्रित है। तुर्की का ध्यान सऊदी अरब की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर है, सैन्य हस्तक्षेप पर नहीं। यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के तुर्की के प्रयासों को दर्शाता है। हालांकि तुर्की तकनीकी सहायता प्रदान करेगा, लेकिन वह कोई सैनिक नहीं भेजेगा। यह स्थिति तुर्की की मध्यस्थता की भूमिका को भी रेखांकित करती है।