देश में खसरा और इसके परिणामस्वरूप होने वाली जटिलताओं से मरने वालों की संख्या 666 तक पहुंच गई है। मृतकों में से 573 बच्चे खसरे के लक्षणों के साथ थे, जबकि 93 बच्चों की मौत खसरे की पुष्टि होने के बाद हुई है। यह आंकड़ा देश में खसरे के प्रकोप की गंभीरता को दर्शाता है। स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं और टीकाकरण अभियान चला रहे हैं। सरकार ने खसरे से निपटने के लिए अतिरिक्त संसाधनों का आवंटन किया है। यह प्रकोप विशेष रूप से बच्चों के लिए चिंताजनक है, क्योंकि वे इस बीमारी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। अधिकारियों का कहना है कि टीकाकरण ही खसरे से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।