पूर्व सेनेगल खिलाड़ी एल हाजी डायोउफ ने 2002 विश्व कप के शुरुआती मुकाबले में फ्रांस पर सेनेगल की ऐतिहासिक जीत से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी बताई है। डायोउफ के अनुसार, ड्रॉ निकलने के बाद किलियान एम्बाप्पे के पिता, विल्फ्रेड एम्बाप्पे ने उनसे संपर्क किया था। विल्फ्रेड ने डायोउफ को अपने बेटे के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि उसके साथ जिनेदिन जिदान जैसा व्यवहार न किया जाए, जो उस समय चोट के कारण मैच से बाहर थे। डायोउफ ने जवाब में हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे जिदान जैसा ही करेंगे और एम्बाप्पे को खेलने नहीं देंगे। डायोउफ ने इस बातचीत को मैत्रीपूर्ण बताया और फुटबॉल में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की उपस्थिति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिदान के बिना फ्रांस को हराना अच्छा था, लेकिन जिदान के साथ मुकाबला और भी चुनौतीपूर्ण होता। 2002 में जिदान चोट के कारण सेनेगल के खिलाफ मैच से बाहर हो गए थे और बाद में ही टीम में लौटे थे।
