उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच, पार्टी के बागी सांसदों के आज औपचारिक रूप से अलग गुट बनाने की संभावना है। ये सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हैं और उन्होंने ठाकरे के नेतृत्व से असहमति जताई है। सूत्रों के अनुसार, ये सांसद अपना अलग दल बनाने और महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ लाने की तैयारी कर रहे हैं। इस विभाजन से उद्धव ठाकरे के लिए अपनी पार्टी को बचाने की चुनौती और बढ़ गई है। शिंदे गुट का दावा है कि उनके साथ शिवसेना के अधिकांश विधायक हैं। इस घोषणा के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव होने की उम्मीद है। राज्यपाल ने स्थिति की समीक्षा के लिए बैठकें बुलाई हैं और आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।
