मॉरिटानिया सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत एक नए विधेयक ने देश में व्यापक विवाद पैदा कर दिया है। प्रस्तावित कानून सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को बिना सरकारी अनुमति के किसी भी राजनीतिक गतिविधि में भाग लेने से रोकता है। विधेयक में यह भी प्रावधान है कि यदि कोई सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी इस कानून का उल्लंघन करता है, तो वह अपनी सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभों से वंचित हो जाएगा। यह कानून बुधवार को कानूनी मामलों की समिति में चर्चा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। आलोचकों का तर्क है कि यह कानून सैन्य कर्मियों के राजनीतिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाता है और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। सरकार का कहना है कि यह कानून राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इस विधेयक पर आगे बहस होने की उम्मीद है।
