वैज्ञानिकों ने ‘साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया है कि भूमिगत कवक का वैश्विक जाल 110 क्वाड्रिलियन किलोमीटर से भी अधिक फैला हुआ है। यह जाल पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र और जलवायु में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह खोज कवक के विशाल नेटवर्क की अभूतपूर्व समझ प्रदान करती है, जो मिट्टी के भीतर पौधों को पोषक तत्वों और पानी के परिवहन में मदद करता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह नेटवर्क कार्बन चक्रण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। अध्ययन से पता चलता है कि कवक पृथ्वी पर जीवन के लिए कितना आवश्यक है, और पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य को बनाए रखने में इसकी भूमिका को उजागर करता है। यह खोज भविष्य के अनुसंधान के लिए नए रास्ते खोलती है, जिससे कवक नेटवर्क की जटिलताओं और कार्यों को और बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा।
