राष्ट्रीय पेंशन फंड अगले महीने से घरेलू शेयरों के पुनर्संतुलन (रीबैलेंसिंग) से जुड़े छूट अवधि के अंत के बाद घरेलू शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम कर सकता है। इस संभावित बदलाव से शेयर बाजार में अनिश्चितता का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि फंड मैनेजरों द्वारा पोर्टफोलियो में बदलाव से बाजार पर दबाव आ सकता है। वर्तमान में, राष्ट्रीय पेंशन फंड घरेलू शेयरों में अपने निवेश को लेकर सावधानी बरत रहा है। यह कदम फंड के जोखिम को कम करने और पोर्टफोलियो को विविधतापूर्ण बनाने के उद्देश्य से उठाया जा सकता है। बाजार विश्लेषक इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं ताकि इसके संभावित प्रभावों का आकलन किया जा सके। इस बदलाव का असर निवेशकों और बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।