डायरे स्ट्रेट्स के लीडर और रॉक संगीत के महान गिटारवादकों में गिने जाने वाले मार्क नॉपफ्लर पाको डी लूसिया के काम से गहरे प्रभावित हुए। फ्लेमेंको संगीत के इस उस्ताद को बजाते देख नॉपफ्लर स्तब्ध रह गए थे। उन्होंने विनम्रतापूर्वक यह स्वीकार किया कि डी लूसिया के कौशल के सामने उनका अपना संगीत अनुभव कम था। उनका यह प्रसिद्ध वाक्य पाको डी लूसिया के प्रति सबसे यादगार सम्मानों में से एक बन गया है। यह बयान दर्शाता है कि डी लूसिया ने दुनिया भर के संगीतकारों के मन में कितनी गहरी प्रशंसा जगाई। यह घटना संगीत की विभिन्न शैलियों के बीच आपसी सम्मान का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। नॉपफ्लर की यह प्रतिक्रिया डी लूसिया की अद्वितीय प्रतिभा को रेखांकित करती है।