राष्ट्रपति मार्कोस ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में एक पड़ोसी देश द्वारा किए गए नस्लवादी हमलों की कड़ी निंदा की। यह टिप्पणी चीन से आए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) वीडियो के बाद आई है, जिसमें फिलीपींस के लोगों को बंदरों के रूप में चित्रित किया गया था। राष्ट्रपति ने इसे एक सामूहिक खतरे के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने ऐसी नस्लवादी हरकतों को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। मार्कोस ने कहा कि फिलीपींस अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह घटना दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है और क्षेत्रीय संबंधों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। राष्ट्रपति ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने का संकल्प लिया है।