न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो ने कोलंबियाई कार्यकर्ता बेटो कोरल की संयुक्त राज्य अमेरिका में गिरफ्तारी को मंजूरी दी। कोरल, डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी, दक्षिणपंथी उम्मीदवार अबेलार्डो डे ला एस्प्रीला के एक मुखर आलोचक हैं। यह मामला राजनीतिक विवादों को जन्म दे रहा है, क्योंकि आलोचकों का कहना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने का प्रयास है। रुबियो के कार्यालय ने अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस गिरफ्तारी से कोलंबिया और अमेरिका के बीच संबंधों पर भी असर पड़ सकता है। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि कोरल को कानूनी प्रक्रिया के तहत हिरासत में लिया गया है, लेकिन रुबियो की कथित भूमिका ने पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रही है और मानवाधिकार संगठनों द्वारा इसकी जांच की मांग की जा रही है।