मंदाई वन्यजीव उद्यान में कैपिबारा प्रशंसा दिवस के अवसर पर चार कैपिबारा शावकों का जन्म हुआ है। यह जन्म खास इसलिए है क्योंकि इससे पहले इस वर्ष जनवरी में भी दो शावकों का जन्म हुआ था, जो पिछले दस वर्षों में मंदाई में कैपिबारा का पहला जन्म था। अब, कुल मिलाकर छह शावक हैं, जो उद्यान में कैपिबारा आबादी को बढ़ाने में मदद करेंगे। ये शावक फिलहाल अपनी मां के साथ हैं और इनकी निगरानी की जा रही है। उद्यान अधिकारी इन शावकों के विकास और स्वास्थ्य को लेकर उत्साहित हैं। कैपिबारा, जो दुनिया के सबसे बड़े कृंतक हैं, दक्षिण अमेरिका के मूल निवासी हैं और मंदाई में इनका संरक्षण महत्वपूर्ण है। इससे मंदाई वन्यजीव उद्यान में वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।