मैनचेस्टर में आराधनालय पर हुए हमले के बाद पुलिस ने माफी मांगी है। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने स्वीकार किया है कि जिहाद अल-शमी, जिसने हमला किया, उसे दो बार गिरफ्तार करने के बावजूद उसके फोन की जाँच नहीं की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि यह एक गंभीर चूक थी और वे इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। इस लापरवाही के कारण हमलावर के मंसूबों का पता लगाने में देरी हुई। पुलिस की इस विफलता से सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठ रहे हैं और जांच शुरू कर दी गई है। भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। यह घटना सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और जवाबदेही पर भी प्रकाश डालती है।