28 वर्षीय व्यक्ति पर नशीली दवाओं से संबंधित तीन आरोप लगे हैं और वह फिलहाल रिमांड पर है। पीड़ित की बहन के अनुसार, वह चलने या खुद से भोजन करने में भी असमर्थ है, फिर भी उसे जेल ले जाया गया है। परिवार अब उसकी स्वास्थ्य रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है और उसकी स्थिति को लेकर चिंतित है। अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह मामला कैदियों के स्वास्थ्य और जेल में उनकी देखभाल से जुड़े सवालों को उठाता है। परिवार ने उचित चिकित्सा सहायता और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस घटना ने जेल प्रणाली में कमजोर लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।