माल्टा के मंत्री क्रिस फ़ीर्ने ने यूरोप को प्रवासन समस्या के समाधान के लिए अपनी सीमाओं से परे देखने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि भूमध्य सागर को एक बाधा के रूप में नहीं, बल्कि एक पुल के रूप में देखा जाना चाहिए। फ़ीर्ने ने जोर देकर कहा कि यूरोप को प्रवासन को केवल एक चुनौती के रूप में देखने के बजाय, इसे एक अवसर के रूप में स्वीकार करना होगा। उन्होंने यूरोपीय देशों से एकजुट होकर काम करने और प्रवासियों के लिए कानूनी रास्ते तलाशने का आह्वान किया। यह बयान यूरोप में प्रवासन पर चल रही बहस के बीच आया है, जहाँ कुछ देश सीमाओं को कड़ा करने की वकालत कर रहे हैं। फ़ीर्ने का दृष्टिकोण एक अधिक समावेशी और मानवीय नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका कहना है कि एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण से ही इस जटिल मुद्दे का समाधान संभव है।