माली के टिम्बकटू के पास, रूसी सेना और माली की सेना ने चार नागरिकों की हत्या कर दी। स्थानीय सूत्रों और मानवाधिकार समूह के अनुसार, मारे गए लोग चरवाहे थे और उनका किसी भी सशस्त्र समूह से कोई संबंध नहीं था। इस घटना के बाद, सैनिकों ने शवों को व्यवस्थित करके स्वस्तिक का चिन्ह बनाया। यह घटना स्थानीय लोगों में आक्रोश का कारण बनी है और मानवाधिकार संगठनों ने इसकी निंदा की है। फिलहाल, इस घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन स्थानीय रिपोर्टों से यह संकेत मिलता है कि यह एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन है। मामले की जांच की मांग की जा रही है और दोषियों को सजा देने की अपील की जा रही है। यह घटना माली में अस्थिर सुरक्षा स्थिति और मानवाधिकारों के उल्लंघन की चिंताओं को बढ़ाती है।
