मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रोहिंग्या शरणार्थी संकट पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की बात कही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रोहिंग्या शरणार्थियों को मलेशियाई कानूनों का पालन करना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके देश वापसी के प्रयास में कई बाधाएं आ रही हैं, इसलिए कानून का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शरणार्थियों से शांति बनाए रखने और स्थानीय नियमों का सम्मान करने का आग्रह किया। यह बयान रोहिंग्या शरणार्थियों की स्थिति और उनके भविष्य को लेकर चल रही चिंताओं के बीच आया है। मलेशिया रोहिंग्या शरणार्थियों की एक महत्वपूर्ण संख्या की मेजबानी कर रहा है, और सरकार उनकी सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस संकट के समाधान में मदद करने का भी आह्वान किया है।