मलेशियाई सरकार ने मई के अंत तक ईंधन सब्सिडी पर ११.२ अरब रिंगित खर्च किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण सब्सिडी की लागत में भारी वृद्धि हुई है। २०२५ की समान अवधि की तुलना में खर्च में औसतन तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार ने इस बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने के लिए अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल की कीमतों में अस्थिरता सब्सिडी लागत को और बढ़ा सकती है। इस स्थिति से सरकार के बजट पर दबाव बढ़ने की आशंका है। सब्सिडी की लागत में वृद्धि से आम नागरिकों पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि भविष्य में ईंधन की कीमतों में बदलाव की संभावना बनी हुई है।