Muda पार्टी के उपाध्यक्ष लेबेन सिद्धार्थ ने चुनाव आयोग से सवाल किया है कि यदि तैयारी ही मुद्दा था, तो जोहोर में मतदान क्यों नहीं स्थगित किया गया। उनका तर्क है कि अलग-अलग चुनावों से लागत बढ़ती है और रसद संबंधी बोझ बढ़ता है। सिद्धार्थ ने प्रक्रिया की निष्पक्षता और जनता के विश्वास पर भी चिंता व्यक्त की है। Muda का मानना है कि मतदान में देरी से इन समस्याओं का समाधान हो सकता था। पार्टी का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है। यह सवाल जोहोर राज्य चुनाव की तैयारियों और निष्पक्षता को लेकर उठ रहा है।