अहमद फदली शाअरी ने चीनी और भारतीय समुदायों से पीएएस का मूल्यांकन सुनी-सुनाई बातों के बजाय सीधे पार्टी की नीतियों के आधार पर करने का आग्रह किया है। उन्होंने अन्य समुदायों से पीएएस के विचारों को समझने और निष्पक्ष दृष्टिकोण रखने का अनुरोध किया है। शाअरी का यह बयान इसलिए आया है क्योंकि कुछ लोगों ने पीएएस को अन्य समुदायों के प्रति नकारात्मक धारणा रखने वाला बताया है। उनका उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि पीएएस का लक्ष्य सभी मलेशियाई समुदायों के साथ एकता स्थापित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीएएस केवल अपने सिद्धांतों और नीतियों के आधार पर आंका जाना चाहिए, न कि किसी बाहरी प्रभावों के आधार पर। यह आह्वान मलेशिया में विभिन्न जातीय और धार्मिक समूहों के बीच समझ और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।