कुआलालंपुर में उच्च न्यायालय ने आज 2021 के कोविड-19 आपातकाल के दौरान संसद के निलंबन को चुनौती देने वाली कानूनी याचिकाओं को खारिज कर दिया। ये याचिकाएं दो सांसदों, मलेशियाई बार, बर्सीह 2.0 और अन्य लोगों द्वारा दायर की गई थीं। न्यायालय ने माना कि आपातकाल के दौरान सरकार के पास संसद को निलंबित करने का अधिकार था। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि निलंबन संवैधानिक रूप से अमान्य था और इसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर किया। हालांकि, न्यायाधीश ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। इस फैसले से सरकार को राहत मिली है, जबकि विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों ने निराशा व्यक्त की है। मामले पर आगे कानूनी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।