मलेशियाई भारतीय कांग्रेस (MIC) के उप-अध्यक्ष सरवाणन ने दावा किया है कि भ्रष्टाचार रोकथाम आयोग (MACC) के एक बयान से ऐसा लगता था जैसे उनके 12 वर्षीय बेटे को पूछताछ के लिए आयोग मुख्यालय आना ही पड़ेगा। सरवाणन ने बताया कि उन्हें केवल तभी सूचित किया गया था कि उनका बेटा घर जा सकता है, जब वे पहले ही आयोग के मुख्यालय पहुँच चुके थे। उन्होंने इस घटना को लेकर चिंता व्यक्त की है और आरोप लगाया है कि MACC की कार्रवाई अनावश्यक दबाव डालने जैसा थी। सरवाणन ने आगे कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके बेटे को किस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इस मामले ने मलेशिया में राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है। MACC ने अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह घटना बच्चों के अधिकारों और जांच प्रक्रियाओं से संबंधित सवाल उठाती है।