मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के हालिया बयानों ने ताइवान को लेकर एक नया विवाद पैदा कर दिया है। उनके बयानों को ताइवान को चीन का हिस्सा मानने की मौजूदा धारणा को मजबूत करने के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि आवश्यक हुआ तो चीन द्वारा ताइवान पर बलपूर्वक कब्ज़ा करने का समर्थन किया जा सकता है। इस बयान ने ताइवान में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संभावित निहितार्थ रखता है। ताइवान का मानना है कि वह एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है, जबकि चीन इसे अपने प्रांत के रूप में देखता है। इस मुद्दे पर मलेशिया की स्थिति ताइवान के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर आसियान देशों के समर्थन के संदर्भ में। विशेषज्ञों का कहना है कि ये बयान चीन के साथ मलेशिया के बढ़ते संबंधों को दर्शाते हैं।