एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के नेता और वकील राजेश नगरजन ने आरोप लगाया है कि जापान को हाथियों को स्थानांतरित करने के लिए पचास मिलियन रिंगित का भुगतान व्यक्तियों को किया गया था, न कि सरकारी कोष में। उन्होंने इस मामले में भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी (एमएसीसी) से जांच करने का आग्रह किया है। नगरजन का दावा है कि यह भुगतान सरकारी लेखा प्रणाली से बाहर किया गया था, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठते हैं। एनजीओ का मानना है कि यह एक गंभीर वित्तीय अनियमितता है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। इस आरोप के बाद, एमएसीसी द्वारा अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह मामला मलेशिया में वन्यजीव अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर प्रकाश डालता है। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो इसमें शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
