सेगामाट में घोषणा करते हुए, सरकार ने देश भर में पड़ोस निगरानी समितियों (केआरटी) के लिए वार्षिक अनुदान में वृद्धि की है। पहले यह अनुदान 6,000 रिंगित था, जिसे अब बढ़ाकर 10,000 रिंगित कर दिया गया है। यह वृद्धि 1 जनवरी, 2027 से लागू होगी। इस कदम का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सुरक्षा प्रयासों को मजबूत करना है। सरकार का मानना है कि बढ़ी हुई वित्तीय सहायता केआरटी को अपनी गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने और सामुदायिक सुरक्षा में अधिक प्रभावी ढंग से योगदान करने में सक्षम बनाएगी। यह घोषणा सामुदायिक सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। केआरटी देश भर में सामुदायिक सुरक्षा और सामाजिक सामंजस्य को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।