सरकार ने १ जुलाई से प्रभावी होने वाले वित्त विधेयक में व्यापक कर परिवर्तनों का प्रस्ताव रखा है। इन परिवर्तनों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों दोनों में संशोधन शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य कर प्रणाली को सरल बनाना और कर आधार का विस्तार करना है। विधेयक में कर दरों में बदलाव, नई छूट और कर अनुपालन प्रक्रियाओं में सुधार का प्रस्ताव है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परिवर्तनों का व्यवसायों और व्यक्तियों दोनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। विधेयक पर संसद में बहस होने की संभावना है और अंतिम रूप मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा। सरकार का कहना है कि ये बदलाव आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगे।