निक नज़मी ने आरोप लगाया है कि मलेशियाई राजनीतिक दल, जिनमें उम्नो, पीएएस और डीएपी शामिल हैं, वोटों को हासिल करने के लिए एक-दूसरे को ‘भूत’ बनाकर भय की भावना पैदा करने की रणनीति का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये दल जानबूझकर डर का माहौल बना रहे हैं। इस रणनीति में, प्रत्येक दल अपने विरोधियों को डराने-धमकाने वाला चित्रित करता है, जिससे मतदाताओं में भय उत्पन्न होता है और वे उस दल के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित होते हैं। निक नज़मी का मानना है कि यह 'भूत' की रणनीति राजनीतिक लाभ के लिए नकारात्मक भावनाओं का शोषण करने का एक तरीका है। उन्होंने इस तरह की राजनीतिक चालों की आलोचना करते हुए मतदाताओं से इस तरह की रणनीति के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया है। यह आरोप मलेशियाई राजनीति में चल रहे तनाव और प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।