घाना की राजधानी अक्रा में आयोजित एक सम्मेलन में पूर्व राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा ने क्षतिपूर्ति न्याय पर वैश्विक स्तर पर नई बातचीत शुरू करने का आह्वान किया है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से ऐतिहासिक अन्याय को स्वीकार करने से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने, सत्य उजागर करने और सुलह की दिशा में काम करने का आग्रह किया। महामा ने जोर देकर कहा कि केवल स्वीकारोक्ति पर्याप्त नहीं है, बल्कि पीड़ितों को वास्तविक न्याय मिलना चाहिए। इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहाँ क्षतिपूर्ति के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया। यह चर्चा उपनिवेशवाद और दास व्यापार जैसी ऐतिहासिक घटनाओं के कारण हुए नुकसान की भरपाई से संबंधित है। महामा का मानना है कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो वैश्विक समानता और न्याय को बढ़ावा देगा। इस पहल से प्रभावित समुदायों को सशक्त बनाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
