फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जिन्होंने सत्ता में आने पर सामाजिक मुक्ति का संदेश दिया था, अब युवाओं के साथ एक बढ़ता हुआ अलगाव देख रहे हैं। यह पीढ़ी १७ अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन में शामिल होगी। प्रदर्शनकारी छात्र “पीले वेस्ट” (gilets jaunes) आंदोलन के समर्थकों के साथ एकजुटता दिखाने की उम्मीद कर रहे हैं। मैक्रों की नीतियां युवा पीढ़ी के साथ एक गहरी खाई पैदा कर रही हैं, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। यह विरोध प्रदर्शन फ्रांसीसी राजनीति में युवाओं की बढ़ती भूमिका और सरकार की नीतियों पर उनकी निराशा को दर्शाता है। छात्र और अन्य प्रदर्शनकारी सामाजिक और आर्थिक असमानताओं के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे हैं। यह आने वाले दिनों में फ्रांसीसी राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।