फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों के दस वर्षों के कार्यकाल में उनकी कूटनीति के प्रयास अक्सर दीर्घकालिक रणनीतिक लाभ प्राप्त करने में विफल रहे हैं। वर्साय में आयोजित कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद, ठोस परिणाम सीमित रहे हैं। हालांकि, यूरोपीय संघ की "रणनीतिक स्वायत्तता" की उनकी अवधारणा अब जोर पकड़ रही है। यह अवधारणा यूरोपीय संघ को वैश्विक मंच पर अधिक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है। विशेषज्ञों का मानना है कि मैक्रों का दृष्टिकोण यूरोपीय सुरक्षा और आर्थिक नीति को प्रभावित कर रहा है। वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में, यूरोपीय स्वायत्तता का विचार अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। भविष्य में इस अवधारणा के और विकसित होने की संभावना है।
