फ्रांसीसी इतिहासकार ज्यां-पियरे रॉबिन ने मैक्रों के दस वर्षों के शासन को एक अजीब हार बताया है। उनका मानना है कि इस विफलता के कारण 1940 में फ्रांस की हार के समान हैं। रॉबिन के अनुसार, फ्रांसीसी समाज में सुधारों के प्रति गहरा विरोध और काम करने की इच्छा की कमी आज भी मौजूद है। ये कमज़ोरियाँ, जिन्हें पहले मार्क ब्लॉक ने उजागर किया था, अभी भी बनी हुई हैं। रॉबिन का विश्लेषण फ्रांसीसी समाज की गहरी जड़ों वाली समस्याओं पर प्रकाश डालता है। उनका तर्क है कि ये समस्याएं राजनीतिक और सामाजिक स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती हैं। यह टिप्पणी फ्रांसीसी राजनीति और समाज में चल रही बहस को और बढ़ा सकती है।