फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में कोई बड़ा टकराव नहीं हुआ। मेजबान इमैनुएल मैक्रों तीन दिनों तक डोनाल्ड ट्रंप को संतुष्ट रखने में सफल रहे, जिसे वे एक ऐतिहासिक सफलता बता रहे हैं। हालांकि, राजनयिक कुशलता और भव्य रात्रिभोज से आगे बढ़कर ठोस परिणाम प्राप्त करना एक चुनौती है। यूक्रेन और मध्य पूर्व जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी भी कोई निर्णायक सहमति नहीं बन पाई है। शिखर सम्मेलन में ट्रंप के रुख को देखते हुए, मैक्रों की यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिर भी, वास्तविक प्रगति के लिए अभी और प्रयास करने की आवश्यकता है। यह सम्मेलन कूटनीति और ठोस कार्रवाई के बीच के अंतर को उजागर करता है।