बीजीएमईए यूनिवर्सिटी ऑफ फैशन एंड टेक्नोलॉजी (बीयूएफटी) की छात्रा श्रेया राय ने मकरम नामक प्राचीन कला को आधुनिक फैशन के रूप में प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपने संग्रह में पारंपरिक हस्तशिल्प और समकालीन फैशन के सौंदर्यशास्त्र को खूबसूरती से जोड़ा है। श्रेया ने हाथ से बने मकरम के धीमी बुनाई प्रक्रिया के माध्यम से 'स्लो फैशन' के विचार को भी उजागर किया है। उनका काम पारंपरिक शिल्प को नए परिप्रेक्ष्य में देखने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह संग्रह फैशन में स्थिरता और धीमे उत्पादन के महत्व पर जोर देता है। मकरम की जटिल बनावट और आधुनिक डिजाइन का संयोजन इसे अनूठा बनाता है। यह पारंपरिक कला के पुनरुद्धार और फैशन में इसके अनुप्रयोग का एक शानदार उदाहरण है।