मैक्वेरी ने स्पष्ट किया है कि एक बोर्ड सदस्य और केपीएमजी के बीच हुई बातचीत, $700 मिलियन के अनुबंध की बोली लगाने से पहले हुई थी। यह अनुबंध अब केपीएमजी को खोना पड़ा है। यह स्पष्टीकरण तब आया है जब इस अनुबंध को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। मैक्वेरी का कहना है कि यह मुलाकात सामान्य थी और इसमें कोई अनुचित प्रभाव नहीं डाला गया था। कंपनी ने जोर देकर कहा कि अनुबंध प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी थी। केपीएमजी को पहले एक महत्वपूर्ण ऑडिट अनुबंध से वंचित कर दिया गया था, जिसके बाद यह मुद्दा गरमा गया था। यह घटना कॉर्पोरेट प्रशासन और पारदर्शिता के महत्व पर प्रकाश डालती है।