अभिनेता लुडोविको डि सैंटो 'Otro día perdido' (एल्ट्रेस) कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्होंने स्कूल में अपने नाम के कारण उन्हें बुलाए जाने वाले उपनामों के बारे में बताया। उन्होंने साझा किया कि इन स्थितियों ने उनके व्यक्तित्व को कैसे आकार दिया। लुडोविको डि सैंटो ने बताया कि बचपन में लोग उनके नाम का मज़ाक उड़ाते थे, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई। हालाँकि, उन्होंने इन अनुभवों को एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया जिसने उन्हें मजबूत बनाया। अभिनेता ने आगे बताया कि जब वे पिता बने तो उन्होंने एक फैसला लिया, हालांकि उस फैसले का विवरण नहीं दिया गया। यह साक्षात्कार उनके व्यक्तिगत जीवन और भावनात्मक विकास पर प्रकाश डालता है। यह कहानी दिखाती है कि कैसे प्रारंभिक जीवन के अनुभव किसी व्यक्ति के चरित्र को प्रभावित कर सकते हैं।