रिपब्लिकन सीनेटरों जॉन कॉर्निन और थॉम टिलिस की आपत्तियों के कारण टॉड ब्लैंच की अटॉर्नी जनरल (एजी) के रूप में नियुक्ति रुकी हुई थी। दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ जिसके बाद गतिरोध समाप्त हो गया। यह समझौता 'एंटी-वेपनइज़ेशन' फंड को समाप्त करने से संबंधित है, जिसके कारण सीनेटरों की चिंताएँ दूर हो गईं। अब, ब्लैंच की नियुक्ति प्रक्रिया में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। इस समझौते से रिपब्लिकन पार्टी के भीतर एकता प्रदर्शित होती है। माना जा रहा है कि ब्लैंच जल्द ही औपचारिक रूप से एजी का पद संभाल सकते हैं। यह निर्णय कानून और राजनीति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।