पेरिस के राष्ट्रीय पुस्तकालय में मोज़ार्ट की एक अप्रकाशित 44 पृष्ठों की पांडुलिपि मिली है। यह पांडुलिपि 1778 में लिखी गई थी, जब मोज़ार्ट पेरिस में एक अभिजात वर्ग की छात्रा को संगीत सिखा रहे थे। इसमें सात रचनाएँ शामिल हैं जो पहले अज्ञात थीं। यह खोज संगीत जगत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मोज़ार्ट के कार्यों की हमारी समझ को बढ़ाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पांडुलिपि मोज़ार्ट की रचना प्रक्रिया पर नई रोशनी डालेगी। यह खोज मोज़ार्ट के जीवन और कार्य के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण योगदान है। पांडुलिपि की खोज से मोज़ार्ट के संगीत के प्रशंसकों में उत्साह है।