पेरिस में, एक फ्रांसीसी क्यूरेटर ने वोल्फगांग अमाडेउस मोज़ार्ट द्वारा 22 वर्ष की आयु में लिखी गई एक दुर्लभ पांडुलिपि उजागर की है। यह रचना बांसुरी और वीणा के लिए है और मोज़ार्ट ने इसे एक फ्रांसीसी कुलीन छात्र को पढ़ाते समय लिखा था। इस संगीत को पहली बार इस सप्ताह के अंत में सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे संगीत प्रेमियों को मोज़ार्ट के अज्ञात कार्य का अनुभव करने का अवसर मिलेगा। यह खोज मोज़ार्ट के संगीत संग्रह में एक महत्वपूर्ण योगदान मानी जा रही है। क्यूरेटर की इस खोज से मोज़ार्ट के जीवन और कार्यों पर नई रोशनी पड़ने की उम्मीद है। संगीत जगत में इस खोज को लेकर उत्साह है, क्योंकि यह मोज़ार्ट की प्रतिभा का एक अनूठा प्रदर्शन है। यह पांडुलिपि मोज़ार्ट के शुरुआती करियर की झलक प्रदान करती है।
