पिछले कुछ वर्षों में बिजली और संबंधित प्रणालियों को प्रभावित करने वाले कई जोखिम कारक एक साथ सामने आए हैं। विद्युत क्षेत्र में वर्तमान में आपूर्ति और मांग के बीच का अंतर लगातार कम होता जा रहा है। यह स्थिति कई अलग-अलग तत्वों के संयोजन का परिणाम है, जिससे प्रणाली पर दबाव बढ़ा है। इस असंतुलन के कारण भविष्य में बिजली कटौती या ब्लैकआउट का खतरा पैदा हो गया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो संकट गहरा सकता है। यह समस्या केवल एक कारण से नहीं, बल्कि कई जोखिमों के संचयी प्रभाव से उत्पन्न हुई है। वर्तमान परिदृश्य में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
