लोक सभा की जांच समिति ने जस्टिस यशवंत वर्मा को ‘कैश-एट-होम’ मामले में दोषी पाया है। यह मामला उनके आवास पर बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से संबंधित था। समिति की जांच में पाया गया कि वर्मा ने नियमों का उल्लंघन किया है। इस मामले ने संसद में काफी हंगामा खड़ा किया था। आरोपों के बाद वर्मा को पद से हटा दिया गया था। अब समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। यह फैसला न्यायिक क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को और मजबूत करता है।