कुआलालंपुर में एक उपभोक्ता समूह ने दावा किया है कि पिछले पाँच वर्षों में अवैध ऋण माफिया, वकीलों और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े एक कथित सिंडिकेट के कारण सौ से अधिक लोगों को पचास मिलियन रिंगित से अधिक मूल्य की संपत्ति का नुकसान हुआ है। यह सिंडिकेट पीड़ितों को ऋण प्रदान करता था और फिर संपत्ति पर धोखाधड़ी से कब्जा कर लेता था। समूह ने इस मामले में व्यापक जांच की मांग की है। पीड़ितों में विभिन्न पृष्ठभूमि के लोग शामिल हैं, जो वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और दोषियों को पकड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस घोटाले ने देश में अवैध ऋण गतिविधियों और भ्रष्टाचार के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं। उपभोक्ता समूह ने जनता से सतर्क रहने और संदिग्ध ऋण प्रस्तावों से बचने का आग्रह किया है।
