लिथुआनिया में हाल ही में दक्षिणपंथी दलों का प्रभाव बढ़ा है। पूर्व राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और वर्तमान सांसद इग्नास वेगेले के नेतृत्व में एक नए राजनीतिक आंदोलन ने भी जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। ये दल मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती दे सकते हैं और देश की नीतियों में बदलाव ला सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों में इन दलों का प्रदर्शन लिथुआनिया की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण होगा। वेगेले का आंदोलन विशेष रूप से युवाओं और उन मतदाताओं को आकर्षित कर रहा है जो पारंपरिक राजनीतिक दलों से असंतुष्ट हैं। इस उभरते हुए राजनीतिक परिदृश्य का लिथुआनिया के यूरोपीय संघ के साथ संबंधों पर भी असर पड़ सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ये दक्षिणपंथी ताकतें भविष्य में किस दिशा में देश को ले जाती हैं।