लिथुआनिया के राष्ट्रपति गिटानस नौसेदा ने पोलैंड और यूक्रेन के बीच चल रहे कूटनीतिक विवाद में मध्यस्थता करने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिथुआनिया केवल तभी हस्तक्षेप करेगा जब दोनों देश औपचारिक रूप से अनुरोध करेंगे। नौसेदा ने दोनों देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की अपनी देश की इच्छा पर जोर दिया। यह पेशकश दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बीच आई है, जो अनाज आयात को लेकर है। लिथुआनिया का मानना है कि बातचीत के माध्यम से ही इस मुद्दे का समाधान किया जा सकता है। फिलहाल, पोलैंड और यूक्रेन ने लिथुआनिया की मध्यस्थता पेशकश पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह देखना बाकी है कि क्या दोनों देश लिथुआनियाई राष्ट्रपति के प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे।