लिथुआनिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री रोबर्टस काउनास ने बाल्टिक क्षेत्र में रूस द्वारा संभावित उकसावे की संभावना जताई है। उन्होंने Lietuva Tiesiogiai कार्यक्रम में कहा कि यह जानकारी नई नहीं है और रूस लंबे समय से ऐसी रणनीति अपना रहा है। यह स्थिति यूरोप में रूस की भूमिका और उसके साथ संबंधों को लेकर सवाल खड़े करती है। बहस इस बात पर केंद्रित है कि क्या रूस को यूरोप का हिस्सा माना जाना चाहिए, ताकि युद्ध की स्थिति से बचा जा सके। यह कदम रूस के आक्रामक रवैये के खिलाफ एक 'एंटीडोट' के रूप में देखा जा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, यह आवश्यक है कि यूरोपीय देश एकजुट होकर इस खतरे का सामना करें और शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी रखें। यह घटनाक्रम बाल्टिक देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा रहा है।