लिथुआनिया के विदेश मंत्री ने रूसी खुफिया सेवाओं को आतंकवादी संगठन घोषित करने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि रूस की गतिविधियाँ आतंकवाद की श्रेणी में आती हैं और उन्हें इसी तरह संबोधित किया जाना चाहिए। यह कदम यूरोपीय संघ के स्तर पर उठाया जाना चाहिए ताकि रूस पर अधिक दबाव बनाया जा सके। इस प्रस्ताव का उद्देश्य रूस को उसकी आक्रामक नीतियों के लिए जवाबदेह ठहराना है। लिथुआनिया का मानना है कि रूसी खुफिया एजेंसियां यूरोपीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत आतंकवादी संगठनों के समान व्यवहार किया जाना चाहिए। यह कदम यूरोपीय संघ की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। इस फैसले से रूस के साथ संबंधों में भी बदलाव आ सकता है।

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