लिथुआनिया की संसद ने ओर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय अभियानों में भाग लेने के लिए 40 सैनिक और नागरिक भेजने की अनुमति दी है। लिथुआनियाई सैनिक ब्रिटेन, फ्रांस और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा संचालित कार्यों का समर्थन करेंगे। विपक्ष के नेता लॉरिनस कास्क्ज़्यूनास ने तर्क दिया कि यदि लिथुआनिया में अमेरिकी सैनिकों को बनाए रखना है, तो संसद को इस मिशन को मंजूरी देनी होगी। यह कदम मध्य पूर्व में क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों का हिस्सा है। माना जा रहा है कि यह कदम अमेरिका के प्रभाव में लिया गया है। लिथुआनिया का यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग को दर्शाता है। इस मिशन से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है।