लिथुआनिया ने ताइवान के साथ आर्थिक सहयोग योजना पर वार्ता अस्थायी रूप से रोक दी है। यह निर्णय लिथुआनिया की घरेलू राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव और बीजिंग के साथ अधिक व्यावहारिक संबंध स्थापित करने की इच्छा के कारण लिया गया है। लिथुआनियाई विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि यह कदम आपसी सहमति से उठाया गया है। इस फैसले से ताइवान के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता पर सवाल उठ रहे हैं। लिथुआनिया का यह कदम यूरोप में चीन के प्रति अधिक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। नए प्रशासन का लक्ष्य चीन के साथ संबंधों को संतुलित करना है, जबकि ताइवान के साथ मौजूदा संबंधों को भी ध्यान में रखना है। यह घटनाक्रम यूरोपीय देशों के चीन के साथ संबंधों की समीक्षा के बीच आया है।
