1991 के एनएचएल ड्राफ्ट ने एरिक लिंड्रोस और मार्टिन रुचिन्स्की के करियर को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया। लिंड्रोस, जो ड्राफ्ट में पहले चुने गए थे, ने क्यूबेक टीम के लिए खेलने से इनकार कर दिया, जिससे विवाद उत्पन्न हो गया। एडमॉन्टन ने रुचिन्स्की को चुना, लेकिन वह टीम के साथ केवल दो मैच ही खेल पाए। यह ड्राफ्ट दोनों खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ, जो पहले प्रतिद्वंद्वी थे, बाद में मित्र बन गए। लिंड्रोस के इनकार ने ड्राफ्ट की चर्चा में एक नाटकीय मोड़ ला दिया। रुचिन्स्की का एनएचएल अनुभव हालांकि संक्षिप्त रहा, लेकिन यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। इस ड्राफ्ट ने एनएचएल के इतिहास में एक यादगार अध्याय जोड़ा।