चुनाव समिति के अध्यक्ष ने लिकुद पार्टी के दावे को स्वीकार कर लिया है कि एक वीडियो में इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) की संपत्ति का उपयोग किया गया था। हालाँकि, समिति ने केवल उन्हीं खंडों को हटाने का आदेश दिया है जिन्हें अयोग्य ठहराया गया था। यह निर्णय बेंनेट के खिलाफ लिकुद के आरोप के बाद आया है। लिकुद का तर्क था कि वीडियो आईडीएफ की संपत्ति का अनुचित उपयोग करता है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक लाभ के लिए सैन्य संसाधनों का दुरुपयोग करना था। समिति ने माना कि वीडियो के कुछ हिस्सों में उल्लंघन हुआ था, लेकिन पूरे वीडियो को हटाने का आदेश देने के बजाय, केवल आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने का निर्णय लिया गया। यह मामला इजरायली राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण विकास है, क्योंकि यह चुनाव प्रचार में सैन्य संपत्ति के उपयोग से जुड़े नियमों पर प्रकाश डालता है। यह फैसला आगामी चुनावों के लिए प्रचार रणनीतियों को प्रभावित कर सकता है।