लिकुड पार्टी के सांसद मोशे साअदा ने कल पारित हुए कानून पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अटॉर्नी जनरल के विचारों से सहमति जताई है। यह बयान अप्रत्याशित है क्योंकि साअदा पहले इस कानून के मुखर आलोचकों में से एक थे। उन्होंने कहा कि अटॉर्नी जनरल ने कानून के कुछ पहलुओं पर जो चिंताएं व्यक्त की हैं, वे जायज हैं। इस सहमति के बाद, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कानून में संशोधन की संभावना बढ़ गई है। साअदा के इस रुख से लिकुड पार्टी के भीतर भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। यह घटना इजरायली राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जा रही है। आगे की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हैं।