लिकुद पार्टी के सांसद डेविड बिटन ने पार्टी में प्राथमिक चुनावों को रद्द करने और एक नियामक समिति स्थापित करने की पहल पर कड़ा प्रहार किया है। उनका तर्क है कि जो पार्टी लोकतांत्रिक ढंग से काम नहीं करती, वह लंबे समय तक टिक नहीं पाएगी। बिटन ने चेतावनी दी है कि अगर पार्टी इस रास्ते पर चलती रही तो अगले आठ वर्षों में लिकुद का सफाया हो सकता है। उन्होंने पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के महत्व पर जोर दिया। उनका मानना है कि प्राथमिक चुनाव पार्टी के सदस्यों को अपनी आवाज उठाने और नेतृत्व चुनने का अवसर प्रदान करते हैं। इस पहल से पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ सकता है और इससे पार्टी की एकता और शक्ति कमजोर हो सकती है। बिटन की टिप्पणी पार्टी के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ाती है और पार्टी नेतृत्व पर लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने का दबाव डालती है।